ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी व्यक्ति की कुंडली में स्थित ग्रहों की दशा उस व्यक्ति के निजी जीवन, रहन-सहन, और उसकी तरक्की को भी प्रभावित करती है। यदि ग्रहों की दशा प्रतिकूल हो तो ऐसी स्थिति में जातक को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे धन की हानि, खराब स्वास्थ्य, गृह क्लेश इत्यादि। इस प्रकार की समस्याओं के समाधान हेतु अक्सर ज्योतिषि किसी राशि रत्न को पहनने की सलाह देते हैं। परंतु राशि रत्न पहनने से पूर्व काफी सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि गलत रत्न धारण करने से नुकसान भी हो सकता है।
वृषभ राशि रत्न

यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि ज्योतिषियों द्वारा वृषभ राशि वाले जातक को कौन से राशि रत्न धारण करने सलाह दी जाती है-

21 अप्रैल और 20 मई के बीच जन्म लेने वाले व्यक्ति वृषभ राशि के होते हैं। वृषभ राशि के जातक सामान्यतः दृढ़ निश्चियी, उदार, वफादार, एवं मिलनसार होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृषभ राशि का स्वामी शुक्र गृह को माना जाता है। शुक्र गृह को धन, वैभव, सुंदरता, आनंद और सुख-सुविधाओं को प्रदान करने वाला गृह कहा जाता है। परंतु यदि किसी व्यक्ति का “शुक्र” गृह कुंडली के विपरीत घर में विराजमान हो या क्षीण अवस्था में हो तो ऐसी परिस्थिति में उसे बहुत से नुकसान उठाने पड़ सकते हैं। इन दुष्प्रभावों को कम करने हेतु आप किसी ज्योतिषी से सलाह लेकर अपनी राशि के अनुकूल रत्न धारण कर सकते हैं।

वृषभ राशि वालों के भाग्यशाली रत्न (Vrishabh Rashi wale ka bhagyashali ratan)

वृषभ राशि के लोगों को सुंदरता और विलासिता आकर्षित करती है और ये लोग ऐशो-आराम एवं स्वतंत्रता से जीवन जीना पसंद करते हैं। इस राशि के जातक को ओपल और हीरा पहनने की सलाह दी जाती है

  • Opal - ओपल: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार वृषभ राशि के जातकों के लिए ओपल रत्न अत्यंत शुभ प्रभाव देने वाला साबित होता है। इस चमत्कारी रत्न को धारण करने से वृषभ राशि के व्यक्तियों को ना सिर्फ विपुल धन-संपदा और भौतिक सुख प्राप्त होतें है बल्कि उनको खराब स्वास्थ्य एवं रोगों से भी मुक्ति मिलती है।
  • Heera - हीरा: ओपल की ही तरह हीरा भी शुक्र गृह से संबंधित प्रमुख रत्न है। इस रत्न के ज्योतिषीय गुण वृषभ राशि के व्यक्तियों के भाग्य को पूरी तरह से बदलकर रख सकते हैं और उनकी सभी समस्याओं को भी हल कर सकते हैं। हीरा पहनने से जातक को धन-दौलत की प्राप्ति होती है और उसकी सुंदरता और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।

वृषभ राशि के लिए अन्य भाग्यशाली राशि रत्न (Vrishabh rashi ke liye anya bhagyashali ratan)

वृषभ राशि वाले व्यक्तियों के लिए ओपल के अलावा सिट्रीन, एगेट, रोज़ क्वार्ट्ज, क्राइसोकोला, कारेलियन, मैलाकाइट, रोडोनाइट, नीलम, हीरा, जेड, क्लियर क्वार्ट्ज आदि रत्न भी शुभ प्रभाव देने वाले साबित होते हैं:

  • Neelam - नीलम: वृषभ राशि वाले व्यक्ति नीलम भी धारण कर सकते हैं क्योंकि इस रत्न का स्वामी शनि ग्रह को माना जाता है जिनका शुक्र ग्रह के साथ बहुत अच्छा संबंध होता है जो कि वृषभ राशि के लिए शुभ ग्रह है। इस रत्न को धारण करने से जातक को मानसिक शांति, बढ़िया स्वास्थ्य, नौकरी में तरक्की तथा व्यापार में लाभ प्राप्त होता है। सरकारी नौकरी में कार्यरत लोगों के लिए यह खास तौर से भाग्यशाली सिद्ध होता है।
  • Citrine - सिट्रीन: सिट्रीन जिसको सुनेला के नाम से भी जाना जाता है वृषभ राशि वाले जातकों के लिए बहुत ही भाग्यशाली रत्न है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार यह रत्न धारक के ज्ञान और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि करता है। इसको धारण करने वाले को धन, वैभव, और समाज में सम्मान प्राप्त होता है और कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता।
  • Agate - एगेट:अगेट रत्न जिसे हकीक के नाम से भी जाना जाता है वृषभ राशि के जातको के लिए अत्यंत शुभ है। यह एक बहुत ही चमत्कारी रत्न माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसको धारण करने वाले व्यक्ति पर लक्ष्मी जी की कृपा बरसती है और अपार धन और ऐश्वर्य प्राप्त होता है। यह रत्न धारक को नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है और जीवन में सफलता दिलाता है। इसके अलावा इसको धारण करने वाले के स्वास्थ्य एवं आत्म-सम्मान में भी वृद्धि होती है।
  • Malachite - मैलाकाइट: मैलाकाइट रत्न जिसको गार्जियन स्टोन के नाम से भी पुकारा जाता है शुक्र ग्रह से संबंधित दोषों का निवारण करता है और धारक को भविष्य के खतरों तथा दुर्घटनाओं से बचाता है। यह रत्न वृषभ राशि के जातको के लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है। इसको पहनने से धारक को माइग्रेन, उच्च रक्तचाप, एवं किडनी संबंधी रोगों से निजात मिलती है और समृद्धि में भी वृद्धि होती है। यह रत्न धारक को लिवर के रोगों से बचाता है और नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाता है। यह रत्न एकाग्रता को बढ़ाता है और पढ़ने-लिखने की कमजोरी को दूर करता है। इस रत्न को धारण करने से तनाव एवं अवसाद से राहत मिलती है। यह रत्न नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करके सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। यह रत्न धारक और उसके परिवार के बीच के रिश्तो को मजबूती प्रदान करता है और मित्रता को प्रगाढ़ करता है।

वृषभ राशि के पुरुषों के लिए भाग्यशाली रत्न (Vrishabh rashi ke purushon ke liye bhagyashali ratan)

  • Emerald - एमरल्ड : एमरल्ड जिसे पन्ना के नाम से भी जाना जाता है वृषभ राशि वाले पुरूषों के लिए भाग्यशाली रत्न माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पन्ना रत्न के चमत्कारी गुण वृषभ राशि वाले पुरूषों के जीवन में अपार ऊर्जा का संचार करते हैं. पन्ना रत्न को धारण करने से वृषभ राशि के पुरूषों में एकाग्रता बढ़ती है. पन्ना रत्न इस जाति के व्यक्तियों को बुरी नजर से भी बचाता है। पन्ना रत्न वृषभ राशि के पुरूषों की बौद्धिक क्षमताओं में वृद्धि करने के अलावा उनको नेत्र एवं रीढ़ की हड्डी से संबंधित रोगों से भी छुटकारा दिलाता है।

पन्ना केअलावा वृषभ राशि के पुरूषों के लिए हीरा, अगेट, गार्नेट और सफायर आदि रत्न भी शुभ परिणाम देने वाले सिद्ध हो सकते हैं।

वृषभ राशि की महिलाओं के लिए भाग्यशाली रत्न (Vrishabh rashi ke mahilao ke liye bhagyashali ratan)

पुरूषों की ही तरह वृषभ राशि वाली महिलाएं भी पन्ना धारण कर सकती हैं। इसके अलावा इस राशि की महिलाओं के लिए नीलम, मूंगा, फ़िरोज़ा, गुलाबी क्वार्ट्ज और हीरा इत्यादि रत्न भी सकारात्मक परिणाम देने वाले साबित होते हैं।