किसे धारण करना चाहिए लहसुनिया रत्न? जानें इसे पहनने के नियम

Rashi Ratan Bhagya
किसे धारण करना चाहिए लहसुनिया रत्न? जानें इसे पहनने के नियम

रत्न शास्त्र के अनुसार लहसुनिया एक ऐसा चमत्कारी रत्न है, जिसको धारण करने वाले व्यक्ति की किस्मत चमक जाती है। ऐसा माना जाता है कि शक्तिशाली रत्न को पहनने से कुंडली में मौजूद केतू के दुष्प्रभावों से छुटकारा मिलता है। लहसुनिया स्टोन को वैदुर्या, कैट्स आई या ‘बिल्ली की आंख’ आदि नामों से भी जाना जाता है। ये रत्न आम तौर पर हरे, पीले, पीले-हरे या हरे-पीले आदि रंगों में पाया जाता है। यह रत्न मुख्यतः भारत, श्रीलंका और ब्राजील आदि देशों में पाया जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन व्यक्तियों की कुंडली में केतु ग्रह गलत भाव में विराजमान होता है, उनका जीवन में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जैसे धन की हानि, मानसिक अशांति, गृह क्लेश, तथा शारीरिक रोग इत्यादि।

किसे पहनना चाहिए केतु रत्न? (kise phanana chaiye ketu ratna)

लहसुनिया को केतु-रत्न के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लहसुनिया रत्न पहनना उन व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है जिनके केतु दुसरे भाव तीसरे भाव चर्तुथ भाव ,पंचम भाव, नवम भाव अथवा दशम भाव में स्थित हो। इस रत्न को पहनना मकर तथा कुंभ राशि के जातको के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।

जिन लोगों के व्यापार तथा कैरियर में तरक्की नहीं हो रही या मानसिक तनाव रहता है उन लोगों के लिए यह रत्न पहनना बेहद फायदेमंद है। इस रत्न को पहनना उन लोगों के लिए भी लाभदायक माना जाता है जो, प्रेत-बाधा या नकारात्मक शक्तियों से परेशान हैं।

केतु रत्न के लाभ (ketu ratna ke labh)

केतु रत्न या लहसुनिया के प्रभाव से इंसान के जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है और अध्यात्मिकता में वृद्धि होती है। इस रत्न को पहनने वाले व्यक्तियों को से व्यापार में लाभ मिलता है तथा नौकरी में तरक्की मिलती है। यह रत्न उन लोगों के लिए खास तौर पर लाभदायक है जो शेयर बाजार के काम से जुड़े हुए है। ऐसी मान्यता है कि इन रत्न को धारण करने से व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस आता है।

यह चुनौती भरी स्थिति में भी व्यक्ति को सुख सुविधाओं का आनंद प्राप्त करवाता है और आत्म विश्वास में वृद्धि करता है। लहसुनिया पत्थर धारक को नकारात्मक शक्तियों तथा दुर्घटनाओं से भी बचाता है। यह रत्न धारक को मानसिक शांति प्रदान करता है और तनाव, व्यग्रता तथा अवसाद आदि परेशानियों से छुटकारा दिलाता है। यह रत्न आथईराइटिस, ऐनारोक्सिया, हार्मोनल इंबैलेंस तथा आंतों से संबंधित रोगों के उपचार में भी कारगर साबित होता है।

केतु रत्न किस उंगली में पहने (ketu ratna kis ungli me pahne)

ज्योतिषियों के अनुसार लहसुनिया रत्न को शनिवार को सुबह 6 से 8 बजे के बीच धारण करने से शुभ फल प्राप्त होता है। इस रत्न को चांदी या पंचधातु की अंगूठी में जड़वाकर दाहिने हाथ के अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए।

लहसुनिया रत्न के फायदे और नुकसान

केतु रत्न धारण करने की विधि (ketu ratna dharan karne ki vidhi)

इस रत्न को धारण करने से पूर्व इसका वैदिक विधि से पूजन करना आवश्यक है। पूजन करने से रत्न में व्याप्त धूल, गंदगी, तथा नकारात्मक ऊर्जा साफ हो जाती है। इस रत्न को पहनने से पूर्व गंगाजल तथा पंचामृत से धोएं। इसके पश्चात अंगूठी को पुनः साफ पानी से धोएं और सूती कपड़े से पोंछ लें। उसके बाद गंगाजल से धोकर शुद्ध कर लेंं, फिर दीप तथा धूप जलाकर केतु से जुडे हुए मन्त्र 'ॐ कें केतवे नमः' का 108 बार जाप करें। इसके पश्चात पूर्ण निष्ठा के साथ अंगूठी को धारण करें।

केतु रत्न की कीमत (ketu ratna ki kimat)

लहसुनिया रत्न की कीमत उसके रंग, कट, तथा उत्पत्ति के स्थान पर अलग-अलग हो सकती है। भारत में लहसुनिया रत्न की कीमत सामान्यतः 4000 से 22500 रूपये प्रति कैरेट की बीच हो सकती है। परंतु लहसुनिया रत्न के ये सभी लाभ तभी प्राप्त हो सकते हैं, जब आप असली रत्न धारण करें। आजकल बहुत से रत्न विक्रेता अपने ग्राहकों को घटिया क्वालिटी के या नकली राशि रत्न बेच देते हैं, इस कारण से जातकों को इस रत्न का ज्योतिषीय लाभ प्राप्त नहीं होता। आप राशिरत्नभाग्य से असली केतु-रत्न उचित दामों में प्राप्त कर सकते हैं। हम प्रत्येक रत्न के साथ उसकी असली होने का प्रमाण-पत्र भी प्रदान करते हैं।

Back to blog

About The Author

Rashi Ratan Bhagya

Rashiratanbhagya is a trusted name in Natural Gemstones, Rudraksha, and Navratan (Rashi Stones), backed by over 50+ years of offline expertise and 17+ years of strong online presence. The company is dedicated to maintaining uncompromising quality standards, ensuring authenticity, and providing reliable customer support, reflecting its deep-rooted commitment to excellence and traditional values.

Read our related blog:

6 Most Expensive Rudraksha in the World: Rare Rudraksha

6 Most Expensive Rudraksha in the World: Rare Rudraksha

We will cover the top 10 rarest rudraksha beads and also cover its related facts. We will also mention what makes them special: their spiritual and astrological powers.

Continue Reading
Can Pearl be worn with Blue Sapphire?

Can Pearl be worn with Blue Sapphire?

Blue sapphire and Pearl stone are two of the most beautiful precious gemstones. These gems are commonly known as Neelam and Moti. These magnificent gemstones are famous for their unique metaphysical properties. Since, ancient times, Neelam and moti have been...

Continue Reading
How to Identify Original Rudraksha

How to Identify Original Rudraksha

In this blog, we will cover the topic How to check Rudraksha is Real or Not and its related queries.

Continue Reading